Dr. Monga Medi Clinic 80+ Years of Ayurvedic Legacy

घुटने का दर्द का आयुर्वेदिक इलाज - दिल्ली NCR

80+ वर्षों की आयुर्वेदिक विरासत | 10 लाख+ रोगी ठीक | स्टेरॉयड-मुक्त प्राकृतिक उपचार

80+ Years
10 लाख+ Patients
25+ Years Expertise
3 Clinic Locations
घुटने के दर्द का आयुर्वेदिक उपचार दिल्ली NCR

स्वस्थ घुटने की संरचना

स्वस्थ घुटने की संरचना और जोड़

घुटना शरीर का सबसे बड़ा और जटिल जोड़ है। यह हड्डियों, उपास्थि (कार्टिलेज) और लिगामेंट्स से मिलकर बना है। घुटने में तीन मुख्य हड्डियाँ होती हैं — जांघ की हड्डी (फीमर), पिंडली की हड्डी (टिबिया) और घुटने की टोपी (पटेला)।

इन हड्डियों के बीच में उपास्थि होती है जो एक कुशन की तरह काम करती है और हड्डियों को आपस में घिसने से बचाती है। इसके अलावा, घुटने में चार मुख्य लिगामेंट्स होते हैं जो इसे स्थिरता देते हैं।

श्लेष झिल्ली (Synovial Membrane) एक विशेष तरल पदार्थ बनाती है जो जोड़ को चिकना रखता है। जब यह संरचना किसी कारण से प्रभावित होती है — चाहे उम्र बढ़ने से, चोट से, या किसी रोग से — तो घुटने में दर्द और सूजन शुरू हो जाती है। सही समय पर उपचार से इस संरचना को सुरक्षित रखा जा सकता है।

घुटने के जोड़ का घिस जाना (ऑस्टियोआर्थराइटिस)

ऑस्टियोआर्थराइटिस (OA) घुटने की सबसे आम समस्या है, जो मुख्यतः 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में देखी जाती है। इस स्थिति में घुटने का कार्टिलेज (उपास्थि) धीरे-धीरे घिसने लगता है। कार्टिलेज एक प्राकृतिक कुशन है जो हड्डियों के बीच होता है। जब यह घिस जाता है, तो हड्डियाँ आपस में रगड़ने लगती हैं, जिससे तीव्र दर्द, सूजन और अकड़न होती है।

यह रोग धीरे-धीरे बढ़ता है और समय पर इलाज न करने पर घुटने की विकृति भी हो सकती है। मोटापा, गलत जीवनशैली, पुरानी चोट और आनुवंशिकता इसके प्रमुख कारण हैं। ऑस्टियोआर्थराइटिस के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं: चलने पर घुटने में दर्द जो आराम से ठीक हो जाए, सुबह उठने पर अकड़न, घुटने को मोड़ने पर आवाज़ (क्रेपिटस), सूजन और जोड़ में कठोरता।

शोध बताते हैं कि 40% तक आबादी में किसी न किसी रूप में घुटने का ऑस्टियोआर्थराइटिस पाया जाता है।

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण

आयुर्वेद में इसे 'संधिगत वात' कहते हैं। डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक में विशेष पंचकर्म थेरेपी (जानु बस्ति, अभ्यंग, स्वेदन), रसायन औषधियाँ और जड़ी-बूटी आधारित उपचार से उपास्थि के पुनर्निर्माण में सहायता की जाती है। हमारा उपचार न केवल दर्द कम करता है, बल्कि रोग की प्रगति को भी धीमा करता है। हजारों रोगी हमारे उपचार से सीढ़ियाँ चढ़ने, टहलने और सामान्य जीवन जीने में सक्षम हो चुके हैं।

ऑस्टियोआर्थराइटिस घुटने का घिसना
रुमेटीइड गठिया घुटने की सूजन

रुमेटीइड गठिया

रुमेटीइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला करती है। यह रोग पुरुषों की तुलना में महिलाओं में 3 से 5 गुना अधिक होता है और 20 से 50 वर्ष की आयु में शुरू हो सकता है।

घुटनों में दोनों तरफ एक साथ सूजन, लालिमा, गर्मी और तीव्र दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं। सुबह उठने पर जोड़ों में 1 घंटे से अधिक की अकड़न इसकी पहचान है। रुमेटीइड आर्थराइटिस समय के साथ कार्टिलेज को नष्ट करता है, सिनोवियल मेम्ब्रेन में सूजन लाता है और जोड़ में अतिरिक्त द्रव भर देता है। बाद की अवस्थाओं में हड्डियाँ आपस में रगड़ने लगती हैं।

यदि समय पर उपचार न किया जाए, तो जोड़ स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं और दैनिक जीवन के कार्य करना असंभव हो जाता है।

आयुर्वेदिक उपचार

डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक में आम वात (रुमेटीइड गठिया) के लिए विशेष शोधन चिकित्सा, विरेचन पंचकर्म, और गुग्गुल युक्त औषधियाँ दी जाती हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को संतुलित करती हैं। 25+ वर्षों के अनुभव से डॉ. ज्योति मोंगा ने हजारों रुमेटीइड रोगियों को स्थायी राहत दी है。

दुर्घटनाओं से घुटने की क्षति

दुर्घटनाओं, गंभीर चोटों या सड़क हादसों से घुटने में हड्डी टूटना, लिगामेंट फटना या मेनिस्कस को नुकसान पहुँच सकता है। अक्सर प्रारंभिक इलाज के बाद भी घुटने में दर्द, अकड़न और कमजोरी बनी रहती है。

कई बार चोट ठीक से ठीक नहीं होती और वर्षों बाद भी परेशानी देती है। टूटी हड्डियाँ या गंभीर चोटें जो ठीक से ठीक नहीं होतीं, इससे घुटने में कई साल बाद भी दर्द होता है। इसके अलावा, सर्जरी के बाद पुनर्वास (Rehabilitation) में भी आयुर्वेद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

दुर्घटना के बाद घुटने की समस्याओं में शामिल हैं: लिगामेंट का आंशिक या पूर्ण रूप से फटना, मेनिस्कस टियर, पटेला फ्रेक्चर, पोस्ट-ट्रॉमेटिक आर्थराइटिस।

आयुर्वेदिक सहायता

डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक में चोट के बाद के घुटने के दर्द के लिए विशेष अस्थि-संधान (हड्डी जोड़ने वाली) औषधियाँ, पिंड स्वेद और नाड़ी स्वेद थेरेपी दी जाती है। ये उपचार क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत में सहायता करते हैं और घुटने को पुनः कार्यशील बनाते हैं। हमारे कई रोगी दुर्घटना के बाद सालों की तकलीफ से मुक्त हो चुके हैं。

दुर्घटना से घुटने की चोट का उपचार
खेल चोट स्पोर्ट्स इंजरी घुटना

खेल चोटें (Sports Injuries)

खेलकूद के दौरान घुटने में ACL (एंटीरियर क्रूशिएट लिगामेंट) या MCL की चोट, मेनिस्कस टियर और पटेलर टेंडिनाइटिस आम हैं। फुटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन और कबड्डी जैसे खेलों में अचानक मुड़ने, दौड़ने और कूदने से लिगामेंट पर अत्यधिक दबाव पड़ता है。

'पैटेलोफेमोरल पेन सिंड्रोम' (जिसे 'रनर्स नी' भी कहते हैं) युवा खिलाड़ियों में बहुत सामान्य है। घुटने की टोपी (पटेला) का ठीक से संरेखित न होना, अत्यधिक उपयोग, चोट, अधिक वजन या घुटने में कार्टिलेज के घिस जाने से यह समस्या होती है।

ACL चोट के लक्षण: तीव्र दर्द, 'पॉप' की आवाज़, घुटने में सूजन, अस्थिरता का अनुभव। यदि सही समय पर इलाज न हो, तो खिलाड़ी का करियर प्रभावित हो सकता है।

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण

डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक में खेल चोटों के लिए महानारायण तेल अभ्यंग, बस्ति चिकित्सा और विशेष योग-व्यायाम परामर्श दिया जाता है। हमारा उपचार खिलाड़ियों को जल्दी मैदान पर वापस लाने में मदद करता है — बिना किसी हानिकारक दवा के। सैकड़ों युवा खिलाड़ी हमारे उपचार से लाभान्वित हो चुके हैं。

घुटनों में दर्द और सूजन क्यों होती है?

घुटने का दर्द — किसी भी दर्द की अपेक्षा पूरी तरह से इलाज प्रक्रिया में अन्य दर्द के अपेक्षा भिन्न होता है। इसके इलाज में Root Cause को जानना बहुत जरूरी होता है, इसलिए इसके इलाज के मार्गदर्शक बेहतर हो तो शीघ्र राहत मिलती है। नहीं तो इलाज करना बड़ा कठिन हो जाता है और मरीज परेशान रहते हैं।
घुटने के दर्द के विभिन्न कारण

बढ़ती उम्र

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर की हड्डियाँ और जोड़ों का लचीलापन कम होने लगता है। घुटनों में कार्टिलेज घिस जाता है, जिससे घुटनों में दर्द और सूजन हो सकती है। यह ओस्टियोआर्थराइटिस कहलाता है।

चोट या मोच

खेलते समय या गिरने से घुटनों में चोट लग सकती है। कई बार मांसपेशियों में खिंचाव या लिगामेंट्स में चोट लगने से भी सूजन और दर्द होता है।

मोटापा

ज्यादा वजन से घुटनों पर दबाव बढ़ता है, जिससे धीरे-धीरे दर्द शुरू हो सकता है। मोटे लोगों में घुटनों का दर्द जल्दी शुरू होता है और ज्यादा तकलीफ देता है।

गलत लाइफस्टाइल

लंबे समय तक एक ही जगह बैठना, या गलत मुद्रा में बैठना भी घुटनों में सूजन और दर्द का कारण बन सकता है। खासकर ऑफिस में काम करने वालों को यह दिक्कत ज़्यादा होती है।

गाउट और अन्य रोग

गाउट, रूमेटॉइड आर्थराइटिस जैसी बीमारियाँ भी घुटनों में दर्द और सूजन का कारण बन सकती हैं। इन बीमारियों में जोड़ों में सूजन और जलन होती है।

बर्साइटिस और टेंडिनाइटिस

बर्साइटिस जोड़ों की रक्षा करने वाली तरल-भरी थैलियों (बर्साए) की सूजन है। टेंडिनाइटिस में घुटने के टेंडन सूज जाते हैं।

घुटने का दर्द का आयुर्वेदिक उपचार

आयुर्वेद, जो 5000 वर्ष पुरानी भारतीय चिकित्सा पद्धति है, घुटने के दर्द का उपचार उसके मूल कारण को पहचानकर करती है। डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक में हम एक समग्र (Holistic) दृष्टिकोण अपनाते हैं।

पंचकर्म थेरेपी

  • जानु बस्ति: घुटने पर विशेष आटे का बाँध बनाकर उसमें गर्म औषधीय तेल भरा जाता है। यह उपास्थि को पोषण देती है और सूजन कम करती है।
  • अभ्यंग: विशेष आयुर्वेदिक तेलों से पूरे शरीर और घुटने की मालिश।
  • स्वेदन: औषधीय भाप से सेक करके जोड़ों की अकड़न दूर की जाती है।

जड़ी-बूटी औषधियाँ

  • शल्लकी (Boswellia): सूजन कम करने में अत्यंत प्रभावशाली
  • गुग्गुल: जोड़ों को पोषण और उपास्थि की मरम्मत में सहायक
  • अश्वगंधा: मांसपेशियों को मजबूत करता है
  • हरिद्रा (हल्दी): प्राकृतिक एंटी-इन्फ्लेमेटरी
  • निर्गुंडी: दर्द और सूजन में त्वरित राहत

आहार परामर्श एवं योग

क्या खाएं: अदरक, हल्दी वाला दूध, हरी सब्जियाँ, ओमेगा-3 युक्त आहार, कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ।

क्या न खाएं: ठंडे पेय, तली-भुनी चीजें, अत्यधिक नमक, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ।

योग: वज्रासन, ताड़ासन, सेतुबंधासन — घुटनों को मजबूत करने वाले आसन, हल्की वॉकिंग और स्विमिंग।

आयुर्वेदिक पंचकर्म और जानु बस्ति चिकित्सा

घरेलू उपाय (Home Remedies)

  • गर्म और ठंडी सिकाई: हल्के दर्द और सूजन में आराम मिलता है
  • हल्की एक्सरसाइज और योग: घुटनों की मजबूती के लिए ज़रूरी
  • वजन कम करना: घुटनों पर दबाव कम होता है
  • तेल मालिश और फिजियोथेरेपी: रक्त संचार बेहतर बनता है

कब डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है?

दर्द 7-10 दिनों से ज़्यादा बना रहे | सूजन बढ़ती जा रही हो | चलने-फिरने में कठिनाई हो | रात में दर्द के कारण नींद न आए

डॉ. ज्योति अरोड़ा मोंगा BAMS

25+

Years Experience

घुटने की गठिया के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक — दिल्ली NCR

डॉ. ज्योति अरोड़ा मोंगा (BAMS)

BAMS Sr. Consultant 5 लाख+ रोगी 25+ वर्षों का अनुभव

डॉ. ज्योति अरोड़ा मोंगा (BAMS) दिल्ली NCR की सबसे अनुभवी और प्रतिष्ठित घुटने के दर्द की आयुर्वेदिक विशेषज्ञ हैं। वे Dr. Monga Medi Clinic में Sr. Consultant के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने BAMS (Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery) की डिग्री दयानंद आयुर्वेदिक कॉलेज, जालंधर, पंजाब से प्राप्त की है।

डॉ. ज्योति मोंगा एक दुर्लभ आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं जो केवल नैतिक और शास्त्र-सम्मत आयुर्वेदिक औषधियों से उपचार करती हैं। वे योग और एक्यूपंक्चर थेरेपी में भी प्रमाणित विशेषज्ञ हैं। उनके 25+ वर्षों के करियर में उन्होंने 5 लाख से अधिक रोगियों का सफलतापूर्वक उपचार किया है।

"रोगी को दर्द से नहीं, बल्कि रोग से मुक्ति दिलाना" — उनका उपचार दर्शन

Dr. Jyoti Arora Monga is one of the famous Ayurvedic Physician & consultant with over 25+ years of rich experience. She did her B.A.M.S from Dayanand Ayurvedic College in Jalandhar, Punjab. She is also certified expert in Yoga as well as Acupuncture Therapy. She offers counselling sessions for pain management. She is one of the rare Ayurvedic practitioners who treat with ethical Ayurvedic drugs/formulations only.

डॉ. मोंगा ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस, गठिया, घुटने का दर्द, कमर दर्द और सभी प्रकार के जोड़ रोगों में विशेषज्ञ हैं।

क्यों चुनें डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक?

80+ वर्षों की विरासत

तीन पीढ़ियों की आयुर्वेदिक विशेषज्ञता

10 लाख+ रोगी ठीक

हमारा सफलता रिकॉर्ड ही हमारी पहचान है

अनुभवी डॉक्टरों की टीम

BAMS विशेषज्ञों की टीम, व्यक्तिगत ध्यान

समग्र उपचार

Root Cause को पहचानकर जड़ से उपचार

स्टेरॉयड-मुक्त उपचार

100% जड़ी-बूटी आधारित, कोई दुष्प्रभाव नहीं

Online/Offline परामर्श

घर बैठे Video/Audio Call या Clinic Visit

आहार और जीवनशैली

Diet, Exercise और दैनिक दिनचर्या मार्गदर्शन

शीघ्र राहत का प्रयास

त्वरित और प्रभावशाली उपचार

Same Day Pain Relief

पहले ही दिन दर्द में महत्वपूर्ण राहत

360° Degree Care

जीवनशैली, आहार, मानसिक स्वास्थ्य

No Side Effects

100% प्राकृतिक, कोई स्टेरॉयड नहीं

Root Cause Treatment

वात-पित्त-कफ संतुलन से जड़ से इलाज

उपचार का रोडमैप — स्टेप बाय स्टेप

1. परामर्श

पहले दिन डॉ. ज्योति मोंगा आपसे विस्तार से बात करेंगी।

2. काउंसलिंग

प्रकृति और रोग के आधार पर व्यक्तिगत उपचार योजना।

3. डायग्नोस्टिक्स

X-Ray, Blood Test आदि आवश्यक जाँचें।

4. आयुर्वेदिक प्रिस्क्रिप्शन

100% प्राकृतिक आयुर्वेदिक दवाएं और पंचकर्म।

5. आहार और व्यायाम

क्या खाएं, क्या नहीं। योगासन और व्यायाम सलाह।

6. फॉलो-अप

नियमित फॉलो-अप। जब तक पूरी तरह ठीक नहीं।

Online (Audio/Video) और Clinical Visit — दोनों उपलब्ध

हमारे रोगियों की सफलता की कहानियाँ

स्वस्थ और खुश रोगी

"3 साल से घुटने का दर्द था। डॉ. ज्योति मोंगा के 2 महीने के इलाज से मैं अब सीढ़ियाँ आसानी से चढ़ता हूँ।"

रमेश शर्मा

58 वर्ष, दिल्ली

"ऑस्टियोआर्थराइटिस था, डॉक्टर ऑपरेशन बोल रहे थे। Dr. Monga Medi Clinic से बिना ऑपरेशन के ठीक हो गई।"

सुनीता देवी

62 वर्ष, गुरुग्राम

"खेल की चोट के बाद घुटने में दर्द था। आयुर्वेदिक उपचार से 6 हफ्ते में पूरी तरह ठीक।"

अरुण कुमार

45 वर्ष, नोएडा

"दिल्ली NCR के कई घुटने के दर्द के डॉक्टर को दिखाया पर राहत नहीं मिली। Dr. Monga Medi Clinic के आयुर्वेदिक इलाज से 3 महीने में घुटने का दर्द पूरी तरह ठीक हो गया।"

कमलेश वर्मा

56 वर्ष, फरीदाबाद

घुटने के दर्द के इलाज से पहले और बाद — X-Ray रिपोर्ट

दिल्ली एनसीआर में घुटने के दर्द के इलाज के असली परिणाम — हमारे रोगियों के X-Ray से देखें कि कैसे आयुर्वेदिक उपचार से घुटने की स्थिति में वास्तविक सुधार आता है।

इलाज से पहले (BEFORE)
घुटने के दर्द से पहले का X-Ray — ऑस्टियोआर्थराइटिस में घिसा हुआ कार्टिलेज

X-Ray रिपोर्ट में दिखता है:

  • जोड़ की जगह (Joint Space) बहुत कम हो गई है
  • हड्डियाँ आपस में रगड़ रही हैं (Bone on Bone)
  • कार्टिलेज लगभग नष्ट हो चुका है
  • हड्डियों पर बोनी स्पर्स (Osteophytes) दिखाई दे रहे हैं
आयुर्वेदिक इलाज के बाद (AFTER)
घुटने के दर्द के आयुर्वेदिक इलाज के बाद का X-Ray — सुधरा हुआ जोड़

उपचार के बाद X-Ray में दिखता है:

  • Joint Space में सुधार — जोड़ की जगह बढ़ी
  • हड्डियों का संरेखण (Alignment) बेहतर हुआ
  • सूजन और सूजन के निशान कम हुए
  • रोगी दर्द-मुक्त होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं

डॉ. ज्योति मोंगा के शब्दों में

"घुटने का दर्द — Knee Pain Specialist Doctor की देखरेख में सही आयुर्वेदिक उपचार से न केवल दर्द ठीक होता है, बल्कि जोड़ की संरचना में भी वास्तविक सुधार देखा जाता है। X-Ray रिपोर्ट इसका प्रमाण है।"

— डॉ. ज्योति अरोड़ा मोंगा, BAMS | Sr. Consultant, Dr. Monga Medi Clinic, दिल्ली NCR

हमारे क्लिनिक — दिल्ली NCR में 3 लोकेशन

लाजपत नगर 4, नई दिल्ली

बेहतर Metro और सड़क कनेक्टिविटी

द्वारका सेक्टर 9, नई दिल्ली

पश्चिमी दिल्ली के रोगियों के लिए सुविधाजनक

DLF 4 गैलेरिया टॉवर, गुरुग्राम

NCR और हरियाणा के रोगियों के लिए

दिल्ली एनसीआर में घुटने के दर्द के इलाज के लिए हमारी सेवा क्षेत्र

दिल्ली NCR के इन सभी क्षेत्रों के मरीज़ हमारी Clinic Visit या Online Consultation की सुविधा ले सकते हैं। घुटने के दर्द के विशेषज्ञ डॉक्टर से आज ही मिलें।

दिल्ली — घुटने के दर्द के विशेषज्ञ डॉक्टर

करोल बाग लाजपत नगर द्वारका साउथ एक्सटेंशन ग्रेटर कैलाश हौज खास साकेत वसंत कुंज वसंत विहार ग्रीन पार्क मालवीय नगर डिफेंस कॉलोनी जंगपुरा भोगल ओखला नेहरू प्लेस कालकाजी गोविंदपुरी बदरपुर तुगलकाबाद महरौली छतरपुर सुल्तानपुर लाडो सराय बेर सराय मुनीरका आरके पुरम मोती बाग धौला कुआं राजोकरी कापसहेड़ा बिजवासन महिपालपुर पालम उत्तम नगर विकासपुरी जनकपुरी द्वारका मोड़ पश्चिम विहार पंजाबी बाग तिलक नगर सुभाष नगर टैगोर गार्डन राजौरी गार्डन पटेल नगर कनॉट प्लेस निजामुद्दीन सुंदर नगर लोधी कॉलोनी खान मार्केट सफदरजंग हुमायूंपुर हौज खास विलेज औरोबिंदो नगर यूसुफ सराय पंचशील पार्क शिवालिक उदय पार्क पुष्प विहार शेख सराय संगम विहार खानपुर अंबेडकर नगर मदनगीर सरिता विहार जसोला शाहीन बाग जामिया नगर बाटला हाउस कालिंदी कुंज मदनपुर खादर नेब सराय देवली दक्षिणपुरी श्रीनिवासपुरी INA कॉलोनी जोर बाग लोदी गार्डन क्षेत्र

इन सभी क्षेत्रों से आप हमारी Online Consultation या Clinic Visit की सुविधा ले सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

दिल्ली NCR में डॉ. ज्योति अरोड़ा मोंगा (BAMS) सबसे अनुभवी Knee Pain Specialist Doctor मानी जाती हैं। Dr. Monga Medi Clinic में 25+ वर्षों के अनुभव और 5 लाख+ रोगियों के सफल उपचार के साथ, वे घुटने के दर्द, ऑस्टियोआर्थराइटिस, रुमेटीइड गठिया और खेल चोटों में विशेषज्ञ हैं। Lajpat Nagar, Dwarka और Gurgaon में Clinic Visit और Online Consultation उपलब्ध है।

आमतौर पर 2-4 सप्ताह में दर्द में महत्वपूर्ण राहत मिलती है। हालांकि, यह रोग की गंभीरता पर निर्भर करता है। ऑस्टियोआर्थराइटिस के पुराने मामलों में 3-6 महीने का पूर्ण उपचार लग सकता है। हमारे 90% से अधिक रोगी पहले महीने में ही सकारात्मक बदलाव महसूस करते हैं।

हाँ, बहुत से मामलों में आयुर्वेदिक उपचार से सर्जरी की आवश्यकता टाली जा सकती है। दिल्ली एनसीआर में घुटने के दर्द के इलाज के लिए हमारे कई रोगी जिन्हें सर्जरी की सलाह दी गई थी, वे आयुर्वेदिक पंचकर्म और औषधि से पूरी तरह ठीक हो गए हैं। सर्जरी जरूरी है या नहीं, यह डॉ. ज्योति मोंगा की जांच के बाद बताया जा सकता है।

घुटनो का दर्द का doctor से Online परामर्श बुक करना बहुत आसान है: (1) 8010931122 पर Call करें — हमारा स्टाफ समय निश्चित करेगा। (2) 7042424269 पर WhatsApp करें। (3) इस पेज पर 'अभी अपॉइंटमेंट लें' बटन दबाएं। परामर्श Video Call या Audio Call — आपकी सुविधा अनुसार। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद — सभी के लिए Online Consultation उपलब्ध है।

Dr. Monga Medi Clinic दिल्ली NCR में 3 जगह स्थित है: (1) लाजपत नगर 4, नई दिल्ली — South Delhi और Central Delhi के रोगियों के लिए। (2) द्वारका सेक्टर 9, नई दिल्ली — West Delhi और Dwarka Express Way के रोगियों के लिए। (3) DLF 4 गैलेरिया टॉवर, गुरुग्राम — Gurgaon और Haryana के रोगियों के लिए। अपॉइंटमेंट के लिए 8010931122 पर Call करें।

घुटने का ऑपरेशन तब जरूरी माना जाता है जब: (1) कार्टिलेज पूरी तरह नष्ट हो जाए (Grade 4 OA), (2) लिगामेंट पूरी तरह टूट जाए, (3) सभी रूढ़िवादी उपचार विफल हो जाएं। लेकिन दिल्ली एनसीआर में घुटने के दर्द के इलाज के लिए आयुर्वेदिक उपचार से कई मामलों में ऑपरेशन की जरूरत ही नहीं पड़ती। डॉ. ज्योति मोंगा से जांच कराकर सही निर्णय लें।

ऑस्टियोआर्थराइटिस (OA) एक डिजेनेरेटिव (घिसाव) रोग है जो मुख्यतः बढ़ती उम्र में होता है और एक या दो जोड़ों को प्रभावित करता है। रुमेटीइड आर्थराइटिस (RA) एक ऑटोइम्यून रोग है जो किसी भी उम्र में हो सकता है और एक साथ कई जोड़ों को प्रभावित करता है। Knee Pain Specialist Doctor से जांच के बाद ही सही उपचार शुरू होता है।

घुटने के दर्द में उपयोगी व्यायाम: हल्की वॉकिंग, स्विमिंग, साइकिलिंग (low resistance), वज्रासन, ताड़ासन, सेतुबंधासन, Straight Leg Raise, Quad Sets। लेकिन कोई भी व्यायाम डॉक्टर की सलाह से ही शुरू करें। दर्द बढ़े तो तुरंत रोकें।

घुटने के दर्द में परहेज: ठंडे पेय और आइसक्रीम, तली-भुनी चीजें, अत्यधिक नमक, रेड मीट, प्रसंस्कृत/पैकेज्ड खाद्य पदार्थ, शराब, अत्यधिक चाय-कॉफी, सफेद ब्रेड और मैदे की चीजें। इनसे जोड़ों में सूजन बढ़ती है।

Online परामर्श बुक करना बहुत आसान है: (1) 8010931122 पर Call करें — हमारा स्टाफ आपका समय निश्चित करेगा। (2) 7042424269 पर WhatsApp करें। (3) इस पेज पर 'अभी अपॉइंटमेंट लें' बटन दबाएं और फॉर्म भरें। परामर्श Video Call या Audio Call — आपकी सुविधा अनुसार।

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