डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक

महिलाओं की समस्या और स्त्री रोग परामर्श
80+ वर्षों की क्लिनिकल लेगेसी | 10 लाख+ मरीजों का भरोसा

हर महिला की सेहत का रखे ख्याल आयुर्वेद के साथ

PCOD/PCOS, अनियमित पीरियड्स, सफेद पानी, बांझपन, गर्भाशय की समस्या और हार्मोन असंतुलन के लिए डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक में आयुर्वेदिक परामर्श, निदान, आहार मार्गदर्शन और नियमित देखभाल उपलब्ध है।

अनुभवी विशेषज्ञ टीम
संपूर्ण निदान व परामर्श
आहार व जीवनशैली मार्गदर्शन
सुरक्षित आयुर्वेदिक देखभाल

स्त्री रोगों का आकलन करें

अपनी समस्या लिखें, विशेषज्ञ टीम आपसे संपर्क करेगी।

आपका डेटा हमारे पास सुरक्षित है। ऑनलाइन ऑडियो/वीडियो परामर्श और क्लिनिक विजिट दोनों उपलब्ध हैं।

80+
वर्षों की क्लिनिकल विरासत
10 लाख+
मरीजों का भरोसा
3
क्लिनिक लोकेशन
महिला स्वास्थ्य की चिकित्सीय जांच
स्त्री, योनि संरचना और रोगों का सही आकलन

स्त्री रोग क्या हैं और सही समय पर निदान क्यों जरूरी है?

स्त्री रोग महिला प्रजनन प्रणाली से जुड़े वे विकार हैं जिनमें गर्भाशय, अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब, योनि, गर्भाशय ग्रीवा, हार्मोन और मासिक धर्म चक्र की समस्याएं शामिल हो सकती हैं। कई महिलाएं पीरियड्स की अनियमितता, दर्द, अधिक रक्तस्राव, सफेद पानी, पेल्विक दर्द, बार-बार संक्रमण, PCOD/PCOS, फाइब्रॉइड, सिस्ट, बांझपन या रजोनिवृत्ति से जुड़ी परेशानी को सामान्य समझकर टाल देती हैं। लेकिन शरीर बार-बार संकेत देता है कि अंदर हार्मोन असंतुलन, सूजन, संक्रमण, खून की कमी, थायरॉइड समस्या या जीवनशैली गड़बड़ी मौजूद हो सकती है।

आयुर्वेद के अनुसार महिलाओं की सेहत में अपान वात, अग्नि, आम, रक्त धातु, ओज और मन का संतुलन महत्वपूर्ण होता है। खराब खानपान, देर रात सोना, तनाव, कम शारीरिक गतिविधि, कब्ज, मोटापा, अधिक चीनी, पैकेट वाला भोजन और बार-बार संक्रमण स्त्री रोगों को बढ़ा सकते हैं। डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक में रोग का केवल नाम नहीं देखा जाता, बल्कि मरीज की उम्र, शरीर प्रकृति, मासिक चक्र, दर्द का इतिहास, स्राव, पाचन, नींद, तनाव, रिपोर्ट और पारिवारिक इतिहास को साथ में समझा जाता है। यही समग्र आकलन महिला को सही दिशा में उपचार, जांच और जीवनशैली सुधार तक ले जाता है।

हमारा उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि सही जानकारी देना है ताकि महिलाएं समय पर डॉक्टर से परामर्श करें। यदि पीरियड्स 35-40 दिन से ज्यादा अंतर पर आ रहे हैं, रक्तस्राव बहुत ज्यादा है, तेज दर्द है, गर्भधारण योजना में समस्या है, योनि में खुजली या बदबू है, तो अपने आप दवा लेने से बचकर विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।

महिला समस्याएं--

PCOD / PCOS
बांझपन
गर्भाशय की समस्या
अनियमित मासिक धर्म
मासिक धर्म न आना

महिलाओं की आम समस्याएं और उनके संकेत

इन समस्याओं को छुपाने या टालने के बजाय सही समय पर परामर्श, जांच और आयुर्वेदिक देखभाल शुरू करना अधिक सुरक्षित होता है।

PCOD / PCOS कैसे ठीक करें महिला स्वास्थ्य समस्या

PCOD / PCOS कैसे ठीक करें

PCOD/PCOS में हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, अंडाशय में छोटे सिस्ट बन सकते हैं और पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं। डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक में आयुर्वेदिक उपचार, वजन प्रबंधन, योग, आहार परामर्श और नियमित देखभाल से इंसुलिन प्रतिरोध, पाचन क्रिया और हार्मोन संतुलन पर ध्यान दिया जाता है।

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बांझपन और गर्भधारण में कठिनाई महिला स्वास्थ्य समस्या

बांझपन और गर्भधारण में कठिनाई

बांझपन का कारण केवल एक नहीं होता; अंडोत्सर्जन, नलिकाएं, गर्भाशय का स्वास्थ्य, हार्मोन, पुरुष पक्ष के कारण और तनाव सभी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हमारी टीम रिपोर्ट, मासिक धर्म का इतिहास और जीवनशैली को समझकर प्राकृतिक सहयोग, परामर्श और जरूरत पड़ने पर उचित जांच की सलाह देती है।

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गर्भाशय की समस्या और रसौली महिला स्वास्थ्य समस्या

गर्भाशय की समस्या और रसौली

फाइब्रॉइड, सिस्ट, एंडोमेट्रियोसिस, पेल्विक दर्द या अत्यधिक रक्तस्राव जैसी स्थितियों में सही निदान बहुत जरूरी है। आयुर्वेदिक देखभाल में सूजन, दर्द, पाचन, रक्तस्राव के तरीके और समग्र शक्ति पर काम किया जाता है, ताकि मरीज को सुरक्षित और व्यवस्थित देखभाल मिल सके।

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अनियमित मासिक धर्म महिला स्वास्थ्य समस्या

अनियमित मासिक धर्म

पीरियड्स जल्दी आना, देर से आना, बहुत ज्यादा रक्तस्राव, थक्के या दर्द जीवनशैली, थायरॉइड, PCOS, तनाव और खून की कमी से जुड़ा हो सकता है। डॉ. मोंगा में हर मरीज की शरीर प्रकृति, उम्र और रिपोर्ट के अनुसार उपचार योजना बनाई जाती है।

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मासिक धर्म न आना महिला स्वास्थ्य समस्या

मासिक धर्म न आना

मासिक धर्म का रुकना गर्भावस्था के अलावा हार्मोन असंतुलन, थायरॉइड, प्रोलैक्टिन, वजन में बदलाव, तनाव या PCOS का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में अपने आप दवा न लें; डॉक्टर परामर्श, हार्मोन जांच और पेल्विक मूल्यांकन से सही दिशा मिलती है।

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सफेद पानी, खुजली और संक्रमण महिला स्वास्थ्य समस्या

सफेद पानी, खुजली और संक्रमण

सफेद पानी, बदबू, खुजली, पेशाब में जलन या बार-बार संक्रमण को छुपाना नहीं चाहिए। आयुर्वेद में योनि स्वास्थ्य, रोग प्रतिरोधक क्षमता, अम्ल-क्षार संतुलन, स्वच्छता, आहार और संक्रमण की प्रवृत्ति को समझकर मरीज-केंद्रित देखभाल दी जाती है।

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स्त्री रोग समस्याओं का आयुर्वेदिक इलाज कैसे मदद करता है?

स्त्री रोग समस्याओं के आयुर्वेदिक उपचार का उद्देश्य केवल लक्षण दबाना नहीं है, बल्कि शरीर में बनने वाले आम, कमजोर पाचन, वात-पित्त-कफ असंतुलन, हार्मोन गड़बड़ी और जीवनशैली कारणों को समझना है। महिलाओं में बार-बार अनियमित पीरियड्स, PCOS, सफेद पानी, पेल्विक भारीपन, मूड में बदलाव और थकान अक्सर शरीर के कई स्तरों से जुड़े होते हैं। इसलिए डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक में परामर्श के दौरान मासिक धर्म का इतिहास, दर्द की तीव्रता, रक्तस्राव का तरीका, नींद, तनाव, मल त्याग, अम्लता, वजन में बदलाव, त्वचा-बाल के लक्षण और पुरानी रिपोर्ट को ध्यान से समझा जाता है।

आयुर्वेदिक देखभाल में जड़ी-बूटी आधारित दवाएं, पाचन सुधार, यकृत और चयापचय सहयोग, प्रजनन ऊतकों का पोषण, योग-श्वास मार्गदर्शन और व्यक्तिगत आहार शामिल किया जा सकता है। PCOD/PCOS में कई बार इंसुलिन प्रतिरोध, वजन बढ़ना और तनाव मुख्य भूमिका निभाते हैं, इसलिए केवल दवा नहीं बल्कि आहार, व्यायाम और नियमित देखभाल की जरूरत होती है। बांझपन में अंडोत्सर्जन, गर्भाशय की परत, तनाव, उम्र और पति की जांच सभी महत्वपूर्ण होते हैं; इसलिए मरीज को ईमानदार मार्गदर्शन दिया जाता है और जरूरत पड़ने पर आधुनिक जांच या विशेषज्ञ सलाह भी बताई जाती है।

डॉ. मोंगा का दृष्टिकोण मरीज-केंद्रित है: पहले सही निदान, फिर सुरक्षित दवा, फिर परामर्श और नियमित निगरानी। किसी भी मरीज को इलाज की गारंटी नहीं दी जाती; बल्कि चिकित्सकीय रूप से जिम्मेदार तरीके से सुधार, लक्षण नियंत्रण, हार्मोन संतुलन और जीवन की गुणवत्ता पर काम किया जाता है। हमारा उद्देश्य महिलाओं को सही जानकारी देना है ताकि वे PCOD/PCOS, मासिक धर्म की गड़बड़ी, सफेद पानी, बांझपन और गर्भाशय की समस्याओं को समय पर समझकर योग्य डॉक्टर से सलाह ले सकें।

डॉ. मोंगा क्लिनिक परामर्श
डॉ. ज्योति मोंगा स्त्री रोग विशेषज्ञ
महिला विशेषज्ञ डॉक्टर

डॉ. ज्योति मोंगा: बी.ए.एम.एस., आयुर्वेद विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ

25+ वर्षों का अनुभव | महिलाओं की समस्या के लिए आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉक्टर

डॉ. ज्योति मोंगा महिलाओं की समस्याओं को संवेदनशीलता, गोपनीयता और चिकित्सकीय स्पष्टता के साथ समझने के लिए जानी जाती हैं। कई महिलाएं अपनी समस्या खुलकर बताने में संकोच करती हैं, विशेषकर सफेद पानी, योनि में खुजली, दर्दनाक पीरियड्स, बांझपन, यौन इच्छा में कमी, बार-बार गर्भपात, PCOS या रजोनिवृत्ति के लक्षण जैसी स्थितियों में। एक अनुभवी महिला विशेषज्ञ डॉक्टर के साथ परामर्श मरीज को अपनी पूरी स्वास्थ्य जानकारी सहज तरीके से बताने में मदद करता है।

25+ वर्षों के अनुभव के साथ डॉ. ज्योति मोंगा आयुर्वेद और आधुनिक स्त्री रोग समझ को व्यवहारिक तरीके से जोड़ती हैं। उनका ध्यान मरीज को डराने के बजाय जागरूक करना, रिपोर्ट को आसान भाषा में समझाना और उपचार योजना को वास्तविक रखना है। स्त्री रोग समस्याओं के आयुर्वेदिक उपचार में वह मासिक धर्म चक्र, हार्मोन, पाचन, तनाव, नींद, वजन, खून की कमी, थायरॉइड, प्रजनन स्वास्थ्य और आहार को एक साथ देखती हैं। PCOD/PCOS, अनियमित पीरियड्स, बांझपन में सहयोग, गर्भाशय स्वास्थ्य, सफेद पानी, रजोनिवृत्ति की परेशानी और जीवनशैली से जुड़ी हार्मोन समस्याओं में व्यक्तिगत दवाएं, परामर्श, आहार सुधार और नियमित देखभाल योजना दी जाती है।

डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक की 80+ वर्षों की क्लिनिकल विरासत और प्रमाणित डॉक्टरों की टीम के साथ मरीजों को केवल पर्चा नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य मार्गदर्शन मिलता है। ऑनलाइन ऑडियो/वीडियो परामर्श और क्लिनिक विजिट दोनों विकल्प उपलब्ध हैं, ताकि महिलाएं समय पर देखभाल ले सकें।

“हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए स्त्री रोग का उपचार भी व्यक्तिगत और संवेदनशील होना चाहिए।”
उम्र के अनुसार जांच

महिलाओं को कौन सी जांच नियमित करवानी चाहिए?

स्त्री रोगों में सही निदान उपचार की नींव है। कई बार मरीज केवल दर्द या अनियमित पीरियड्स बताती है, लेकिन कारण थायरॉइड, खून की कमी, PCOS, प्रोलैक्टिन, विटामिन की कमी, संक्रमण, फाइब्रॉइड, सिस्ट या गर्भाशय की अंदरूनी परत की समस्या हो सकता है। डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक में जांच बिना कारण नहीं लिखी जाती; उम्र, लक्षण, वैवाहिक स्थिति, गर्भधारण योजना, रक्तस्राव का तरीका, स्राव, दर्द और पुरानी स्वास्थ्य जानकारी के अनुसार डॉक्टर सलाह देते हैं।

18-25 वर्ष: रक्त जांच, थायरॉइड, विटामिन डी/बी12, PCOS मूल्यांकन
25-35 वर्ष: हार्मोन जांच, पेल्विक अल्ट्रासाउंड, जरूरत अनुसार पैप स्मीयर सलाह
35-45 वर्ष: फाइब्रॉइड/सिस्ट स्क्रीनिंग, शुगर, लिपिड, थायरॉइड, खून की कमी की जांच
45+ वर्ष: रजोनिवृत्ति मूल्यांकन, हड्डियों का स्वास्थ्य, स्तन/गर्भाशय ग्रीवा जांच मार्गदर्शन

सामान्य रूप से सलाह दी जाने वाली जांच में रक्त जांच, सूजन की जांच, थायरॉइड प्रोफाइल, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन ए1सी, प्रोलैक्टिन, एफ.एस.एच., एल.एच., ए.एम.एच., विटामिन स्तर, पेशाब जांच, योनि स्वैब, पेल्विक अल्ट्रासाउंड और जरूरत के अनुसार पैप स्मीयर शामिल हो सकते हैं। बांझपन में अंडोत्सर्जन निगरानी, वीर्य जांच और नलिका मूल्यांकन जैसी जांचों पर भी चर्चा की जा सकती है। मरीज को रिपोर्ट का अर्थ हिंदी में समझाया जाता है ताकि वह अपने उपचार निर्णयों में आत्मविश्वास रखे।

महिला स्वास्थ्य जांच

रिपोर्ट हैं? व्हाट्सऐप करें

7042424269 पर रिपोर्ट भेजकर ऑनलाइन परामर्श बुक करें।

महिलाओं के लिए आयुर्वेदिक आहार
आहार, व्यायाम और जीवनशैली परामर्श

महिलाओं के लिए नियमित आहार और जीवनशैली योजना

स्त्री रोगों में आहार केवल वजन घटाने के लिए नहीं होता, बल्कि हार्मोन, पाचन, ऊर्जा, त्वचा, बाल, मनोदशा, पीरियड्स और प्रजनन क्षमता पर असर डालता है। PCOD/PCOS में अधिक चीनी, मैदा, बेकरी भोजन, तला हुआ नाश्ता और अनियमित भोजन समय इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ा सकते हैं। अनियमित पीरियड्स में कमजोरी, खून की कमी, थायरॉइड और तनाव भी जुड़े हो सकते हैं। इसलिए डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक में आहार परामर्शदाता मरीज की प्रकृति, वजन, पाचन, काम का समय, नींद, खाने की इच्छा और बीमारी की अवस्था को देखकर व्यवहारिक योजना बनाते हैं।

समय
आहार
लाभ
सुबह
गुनगुना पानी, भिगोए मेवे
पाचन और चयापचय में सहयोग
नाश्ता
दलिया, मूंग चीला, फल
स्थिर ऊर्जा
दोपहर
दाल, सब्जी, सलाद, रोटी/चावल
पोषण और आयरन सहयोग
शाम
हर्बल चाय, भुना चना
खाने की इच्छा पर नियंत्रण
रात
हल्का भोजन, सूप/खिचड़ी
बेहतर नींद और पाचन

योग, पैदल चलना, श्वास अभ्यास, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन भी उतने ही जरूरी हैं। लेकिन हर महिला की शारीरिक संरचना अलग होती है; किसी को गर्म प्रकृति, अम्लता, कब्ज या थायरॉइड समस्या हो सकती है, इसलिए एक ही आहार सबके लिए सही नहीं होता। कृपया कोई भी आहार योजना समर्पित आहार परामर्शदाता या डॉक्टर से व्यक्तिगत परामर्श के बाद ही अपनाएं।

अस्वीकरण: ऊपर दिया गया आहार सामान्य जानकारी है। बीमारी, गर्भावस्था, स्तनपान, मधुमेह, थायरॉइड या दवा चलने की स्थिति में व्यक्तिगत योजना आवश्यक है।

डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक में उपचार कैसे किया जाता है?

हमारी उपचार प्रक्रिया मरीज को स्पष्ट, सहज और परिणाम-उन्मुख देखभाल देने के लिए बनाई गई है। शुरुआत मरीज पंजीकरण से होती है, जहाँ मूल जानकारी, लक्षण और अपॉइंटमेंट की सुविधा ली जाती है। इसके बाद डॉक्टर पूरी स्वास्थ्य जानकारी लेते हैं: पीरियड्स कब से अनियमित हैं, दर्द कितना है, स्राव कैसा है, गर्भधारण की योजना है या नहीं, पहले कौन सी दवाएं ली हैं, रिपोर्ट क्या कहती हैं और जीवनशैली कैसी है।

जांच में प्रमाणित डॉक्टर निदान तय करते हैं। जरूरत होने पर जांच की सलाह दी जाती है। पहले परामर्श के बाद मरीज को व्यक्तिगत दवाएं, आहार-व्यायाम परामर्श और नियमित देखभाल का समय दिया जाता है। दोबारा परामर्श में लक्षण, मासिक चक्र में बदलाव, पाचन, ऊर्जा, नींद और रिपोर्ट की प्रगति देखी जाती है। लगातार देखभाल में मरीज को यह भरोसा रहता है कि समस्या के मूल कारण पर व्यवस्थित रूप से काम हो रहा है।

मरीज पंजीकरण

ऑनलाइन फॉर्म, कॉल या व्हाट्सऐप से अपॉइंटमेंट बुक करें और अपनी जानकारी साझा करें।

जांच और परामर्श

डॉक्टर पूरी स्वास्थ्य जानकारी लेकर निदान और उपचार की दिशा तय करते हैं।

दवा और परामर्श

आयुर्वेदिक दवाएं, आहार, व्यायाम और जीवनशैली मार्गदर्शन मरीज के अनुसार दिया जाता है।

नियमित देखभाल

नियमित परामर्श से सुधार देखा जाता है और योजना जरूरत अनुसार बदली जाती है।

हमारे क्लिनिक की लोकेशन

कई महिलाएं व्यस्त दिनचर्या, गोपनीयता की चिंता या यात्रा की परेशानी के कारण डॉक्टर विजिट देर से करती हैं। इसलिए डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक में कॉल, व्हाट्सऐप और वीडियो परामर्श को आसान बनाया गया है, ताकि मरीज अपनी रिपोर्ट और लक्षण घर बैठे साझा कर सके और जरूरत होने पर क्लिनिक विजिट तय कर सके।

क्लिनिक विजिट में मरीज को आमने-सामने मूल्यांकन, रिपोर्ट पर चर्चा, आहार परामर्श और दवा मार्गदर्शन मिलता है। ऑनलाइन परामर्श में भी डॉक्टर आपकी स्वास्थ्य जानकारी विस्तार से समझते हैं और जरूरत होने पर क्लिनिक विजिट, जांच या नियमित परामर्श की सलाह देते हैं। नीचे डॉ. मोंगा की तीन प्रमुख क्लिनिक लोकेशन दी गई हैं।

लाजपत नगर 4, नई दिल्ली

क्लिनिक विजिट, परामर्श, जांच मार्गदर्शन और नियमित देखभाल उपलब्ध।

द्वारका सेक्टर 9, नई दिल्ली

क्लिनिक विजिट, परामर्श, जांच मार्गदर्शन और नियमित देखभाल उपलब्ध।

डीएलएफ फेज 4, गैलेरिया मार्केट, गुरुग्राम

क्लिनिक विजिट, परामर्श, जांच मार्गदर्शन और नियमित देखभाल उपलब्ध।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्त्री रोग, PCOD/PCOS, पीरियड्स, बांझपन और ऑनलाइन परामर्श से जुड़े सामान्य सवाल।

PCOD/PCOS में आयुर्वेद हार्मोन संतुलन, पाचन क्रिया, वजन प्रबंधन, पाचन, तनाव और मासिक धर्म चक्र को नियमित करने पर काम करता है। सही निदान, व्यक्तिगत दवाएं, आहार, व्यायाम और नियमित देखभाल से कई महिलाओं में पीरियड्स नियमित होने और लक्षण नियंत्रित होने में मदद मिलती है।

समय समस्या की गंभीरता, उम्र, वजन, रिपोर्ट और जीवनशैली पर निर्भर करता है। कुछ मरीजों को 4 से 8 सप्ताह में बदलाव महसूस हो सकता है, जबकि पुरानी समस्याओं में लंबा कोर्स और नियमित देखभाल जरूरी हो सकती है।

हाँ। ऑनलाइन ऑडियो/वीडियो परामर्श उपलब्ध है। आप अपनी रिपोर्ट व्हाट्सऐप पर भेज सकती हैं और डॉक्टर आपकी स्वास्थ्य जानकारी, लक्षण और रिपोर्ट देखकर मार्गदर्शन देते हैं। जरूरत होने पर क्लिनिक विजिट की सलाह भी दी जाती है।

हर मरीज को अल्ट्रासाउंड जरूरी नहीं होता। डॉक्टर लक्षण, उम्र, मासिक धर्म का इतिहास और जांच के आधार पर अल्ट्रासाउंड, हार्मोन जांच, थायरॉइड जांच, हीमोग्लोबिन या अन्य जांच की सलाह देते हैं।

थोड़ा साफ स्राव कई बार सामान्य हो सकता है, लेकिन ज्यादा स्राव, बदबू, खुजली, दर्द या जलन हो तो संक्रमण, गर्भाशय ग्रीवा की समस्या या कमजोरी का संकेत हो सकता है। सही जांच और उपचार आवश्यक है।

हाँ, आहार स्त्री रोग देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। PCOD, अनियमित पीरियड्स, अम्लता, कब्ज, खून की कमी और मोटापे में भोजन की गुणवत्ता उपचार परिणाम को प्रभावित कर सकती है। आहार हमेशा परामर्शदाता की सलाह से व्यक्तिगत होना चाहिए।

महिलाओं की समस्या को अब और न टालें

कॉल करें 8010931122 या व्हाट्सऐप करें 7042424269। ऑनलाइन ऑडियो/वीडियो परामर्श और क्लिनिक विजिट दोनों उपलब्ध हैं।

डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक

80+ वर्षों की क्लिनिकल विरासत के साथ डॉ. मोंगा मेडी क्लिनिक महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद-आधारित परामर्श, जांच मार्गदर्शन, परामर्श, आहार-व्यायाम योजना, दवा और नियमित देखभाल उपलब्ध कराता है।

हमारी सेवाएं

  • PCOD / PCOS उपचार
  • बांझपन परामर्श
  • अनियमित मासिक धर्म
  • गर्भाशय समस्या / फाइब्रॉइड
  • सफेद पानी की देखभाल
  • आहार और व्यायाम परामर्श

हमारे क्लिनिक

  • लाजपत नगर 4, नई दिल्ली
  • द्वारका सेक्टर 9, नई दिल्ली
  • डीएलएफ फेज 4, गैलेरिया मार्केट, गुरुग्राम

चिकित्सीय अस्वीकरण: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य स्थिति के लिए योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।

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